← Contents
55 ClubPachpan Number Wali Bench

CHAPTER 7

Ek Khali Kursi

जब क्लब ने अपने एक सदस्य को याद किया।

Approx. 1 min read

सर्दियों में शर्मा जी बीमार पड़ गए और कई हफ्तों तक पार्क नहीं आ सके। बेंच नंबर 55 पर उनकी जगह खाली रहती थी। बच्चों ने तय किया कि क्लब सिर्फ गतिविधि नहीं, रिश्ते का नाम है। वे बारी-बारी उनके घर किताबें और रिकॉर्डिंग लेकर गए।

स्वस्थ होने पर शर्मा जी वापस आए तो कमरे में उनके लिए कोई बड़ा स्वागत नहीं, बस उनकी पसंद की चाय और वही पुरानी कुर्सी रखी थी। उन्होंने कहा, “उम्र में सबसे जरूरी चीज यह जानना है कि आपकी कमी किसी को महसूस होती है।”

उस दिन से क्लब ने अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए साप्ताहिक फोन सूची बनाई। छोटी सी व्यवस्था कई लोगों के लिए बड़ा सहारा बनी।

Chapter 7 of 8