CHAPTER 5
Dhansav
चेतावनी समय पर मिली।
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सड़क बंद होने के अगले दिन सुबह एक छोटा हिस्सा अचानक धंस गया। कोई वाहन वहाँ नहीं था। यदि मार्ग खुला रहता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इंजीनियरों ने पाइपलाइन खोदकर देखा; जोड़ पर महीन दरार से महीनों से पानी रिस रहा था।
टीम ने राहत की साँस ली, मगर अब दूसरा सवाल था— 999 कोड आखिर किसने प्रोग्राम किया था? पुराने दस्तावेज़ में एक इंजीनियर “इंदिरा नायर” का नाम बार-बार आया। उनकी सुरक्षा प्रणाली ने शायद यह आपात नियम बनाया था।
डॉ. रहमान ने उनके परिवार से संपर्क किया। पता चला कि इंदिरा अब सेवानिवृत्त होकर समुद्र तट के शहर में रहती हैं। जब उन्हें वीडियो कॉल पर सक्रिय संकेत दिखाया गया तो उन्होंने हँसकर कहा, “मशीन ने अपना काम देर से किया, लेकिन गलत नहीं किया।”