CHAPTER 1
Khali Stage
पहली बार रोशनी के सामने खड़ी अनाया।
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अनाया को लिखना पसंद था, लेकिन मंच पर बोलते ही उसकी आवाज़ रुक जाती थी। शहर के पुराने रंगमहल थिएटर में स्कूल का नाटक होने वाला था। वह लेखक टीम में शामिल हुई ताकि पर्दे के पीछे रह सके।
रिहर्सल के पहले दिन निर्देशक ने उसे खाली मंच पर संवाद पढ़ने को कहा। सामने कोई दर्शक नहीं था, फिर भी उसके हाथ काँप गए। तभी ऊपर की पुरानी स्पॉटलाइट अपने आप जल उठी और मंच के बीच एक गोल रोशनी बन गई। तकनीशियन बोला कि उस लाइट का स्विच वर्षों से खराब है।
रोशनी के नीचे फर्श पर एक छोटा कागज़ पड़ा था— “जिन्हें मंच से डर लगता है, वे ही कभी-कभी सबसे सच्ची कहानी कहते हैं।” नीचे हस्ताक्षर था: “ज.” अनाया ने कागज़ जेब में रख लिया। उसे नहीं पता था कि यह संयोग है या रंगमहल अपने किसी पुराने कलाकार की कहानी उसे सौंप रहा है।