CHAPTER 6
Show Se Pehle
जब पूरे शहर की नज़र रंगमहल पर थी।
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शो के दिन टिकट पूरे बिक गए। सोशल मीडिया पर पुराने “जलगृह” नाटक की वापसी की चर्चा थी। अनाया ने पर्दे के पीछे से दर्शकों की आवाज़ सुनी तो साँस तेज हो गई। उसे लगा वह मंच पर जाते ही सब भूल जाएगी।
तभी तकनीशियन ने उसकी हथेली में वही पहला कागज़ रखा— “सबसे सच्ची कहानी।” उसने कहा, “यह मुझे स्टोर के पुराने बॉक्स में मिला था। शायद जाह्नवी ने ही कभी लिखा होगा।” अनाया ने उसे अपनी स्क्रिप्ट में रख लिया।
पहली घंटी बजी। उसने आँखें बंद कर तीन गहरी साँसें लीं और रोशनी में कदम रखा। पहले संवाद में आवाज़ थोड़ी काँपी, दूसरे में कम और तीसरे तक वह किरदार बन चुकी थी। दर्शकों का चेहरा धुंधला हो गया; सिर्फ कहानी बची।