CHAPTER 1
Lucky Raja
हर बात में किस्मत खोजने वाला लड़का।
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राजा की आदत थी कि वह हर घटना को किस्मत से जोड़ देता। परीक्षा में अच्छे सवाल आए तो “लक”, बस समय पर मिली तो “लक”, क्रिकेट में कैच छूटा तो “बैड लक।” दोस्तों ने मज़ाक में उसे “Raja Luck” कहना शुरू कर दिया।
उसके दादा की पुरानी स्टेशनरी दुकान कई महीनों से घाटे में थी। पिता उसे बंद करने की सोच रहे थे। एक दिन सफाई करते समय राजा को दराज़ में छोटी पीतल की चाबी और कागज़ मिला— “अच्छी किस्मत तीसरे ताले के पीछे नहीं, तीसरे सवाल के बाद मिलती है।”
दादा पहेलियाँ पसंद करते थे। दुकान में तीन पुराने ताले थे, लेकिन चाबी किसी में फिट नहीं हुई। राजा ने पहली बार सोचा कि शायद समस्या किस्मत नहीं, सवाल समझने की है।