CHAPTER 6
Unexpected Order
जिसे सबने लक कहा, उसकी तैयारी पहले हुई थी।
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शहर में अचानक जिला स्तर की परीक्षा केंद्र सूची बदली और पास के स्कूल में सैकड़ों छात्र आने वाले थे। एडमिट कार्ड प्रिंट, पेन और पारदर्शी फाइल की मांग अचानक बढ़ गई। राजा की दुकान तैयार थी क्योंकि उसने परीक्षा कैलेंडर नोट किया था।
दोस्त बोले, “भाई, तेरा लक देख!” राजा हँसा। सच था कि परीक्षा केंद्र बदलना उसके नियंत्रण में नहीं था, लेकिन प्रिंटर ठीक रखना, स्टॉक और बिजली बैकअप तैयार रखना उसके नियंत्रण में था।
उस सप्ताह दुकान ने कई महीनों से ज्यादा कमाई की। राजा ने पूरी रकम खर्च करने के बजाय हिस्सा दुकान सुधार और हिस्सा आपात बचत में रखा। उसने दादा की नोटबुक में अपनी पहली लाइन जोड़ी— “मौका किस्मत दे सकती है, तैयारी तय करती है कि हम उसका क्या करते हैं।”