CHAPTER 8
Luck Ka Naya Matlab
राजा ने अपना उपनाम स्वीकार कर लिया।
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तीन महीने बाद दुकान स्थिर लाभ में थी। वह बहुत बड़ी नहीं बनी, लेकिन पड़ोस के लिए उपयोगी और परिवार के लिए टिकाऊ हो गई। पिता ने बंद करने का फैसला टाल दिया और राजा को पढ़ाई के साथ सीमित जिम्मेदारी दी।
दोस्त अब भी उसे “Raja Luck” कहते थे। इस बार वह बुरा नहीं मानता। उसने दुकान के छोटे बोर्ड पर नीचे लिख दिया— “Luck = Opportunity + Preparation + Good Decisions.”
एक ग्राहक ने पूछा कि यह किस किताब से लिया है। राजा ने दादा की नोटबुक दिखाई और कहा, “हमारे घर की।” उसने चाबी फिर पेटी में रखी, लेकिन पहेली का कागज़ अपने पास रखा। अब उसे पता था कि किस्मत पर विश्वास करना गलत नहीं, बस मेहनत की जगह उसे बैठाना गलत है।