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91 ClubKamra Number 91

CHAPTER 1

Hostel Ka Purana Hissa

नए सत्र में मिला एक बंद कमरा।

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पहाड़ी कस्बे के आवासीय स्कूल में आरुष, कबीर, सना और दीया नए सत्र के लिए पहुँचे। हॉस्टल की तीसरी मंज़िल बंद थी, क्योंकि वहाँ वर्षों से मरम्मत नहीं हुई थी। फिर भी सीढ़ियों के मोड़ पर एक पीतल की प्लेट साफ दिखाई देती थी— “Room 91”.

रात को बिजली चली गई तो चारों टॉर्च लेकर ऊपर पहुँचे। दरवाज़ा बाहर से बंद था, मगर नीचे से कागज़ का एक कोना बाहर निकला हुआ था। उस पर हाथ से बनाया तारा और नीचे लिखा था— “अगर सवाल पूछना बंद नहीं किया है, तो 9:10 पर वापस आना।”

वे मज़ाक समझकर लौट गए, पर ठीक 9:10 पर ऊपर से हल्की घंटी की आवाज़ आई। चौकीदार ने कहा कि वहाँ कोई नहीं रहता। अगली सुबह सना ने देखा कि कागज़ के पीछे पुराने छात्रों के नाम लिखे थे और ऊपर शीर्षक था— “91 Club — प्रश्न पूछने वालों का कमरा।” अब चारों ने तय किया कि कमरा खुलवाकर रहस्य जानेंगे।

Chapter 1 of 8