CHAPTER 3
Ek Hafte Ka Challenge
मैदान को साबित करना पड़ा कि वह जरूरी है।
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अधिकारी ने कहा कि अगर समुदाय मैदान की जिम्मेदारी लेना चाहता है, तो उसे रखरखाव की योजना भी देनी होगी। Jai Club ने सात दिन का “मेरा मैदान” अभियान शुरू किया। लोग साफ-सफाई, पौधारोपण और टूटी बेंच ठीक करने आए।
स्थानीय दुकानदारों ने कूड़ेदान दान किए। एक बढ़ई ने बच्चों के लिए दो बेंच बना दीं। स्कूल ने पुराने खेल उपकरण दिए। बुजुर्गों ने सुबह की निगरानी और पौधों को पानी देने की जिम्मेदारी ली।
सातवें दिन मैदान पहले से कहीं बेहतर दिख रहा था। लेकिन क्लब ने सिर्फ सुंदरता पर भरोसा नहीं किया। उन्होंने मासिक रखरखाव सूची, स्वयंसेवक समूह और छोटे खर्च का पारदर्शी हिसाब तैयार किया। अब उनके पास भावना भी थी और योजना भी।