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ShreewinPurani Library Ka Aakhiri Darwaza

CHAPTER 5

Khoya Hua Register

एक रजिस्टर जो सिर्फ कागज़ नहीं, सबूत था।

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अगले दिन निरीक्षण के दौरान मीरा ने नक्शा अधिकारियों को दिखाया। मजदूरों ने फर्श के एक हिस्से को सावधानी से खोला तो नीचे पतली सीढ़ियाँ मिलीं। छोटा स्टोर रूम नमी से भरा था, पर लोहे की अलमारी सुरक्षित थी। उसमें कई रजिस्टर रखे थे— लेकिन सबसे महत्वपूर्ण साल वाला रजिस्टर गायब था।

मीरा निराश हुई, तभी हरिराम ने एक पुरानी आदत याद दिलाई। लाइब्रेरियन महत्वपूर्ण रजिस्टर की प्रतिलिपि हर वर्ष स्कूल को भेजते थे ताकि दान और खर्च का मिलान किया जा सके। वे लोग पुराने सरकारी स्कूल पहुँचे। वहाँ रिकॉर्ड रूम के ऊपर धूल से भरे बक्से में वही प्रतिलिपि मिल गई।

रजिस्टर में जमीन दान की शर्त, परिषद की स्वीकृति और दर्जनों गवाहों के हस्ताक्षर थे। कानूनी अधिकारी ने माना कि जमीन को बिना प्रक्रिया बदले व्यावसायिक उपयोग में नहीं दिया जा सकता। सबसे नीचे श्रीविनायक की लिखावट थी— “किताबों की जगह बची रहे, तो शहर अपनी यादें नहीं खोता।” मीरा ने पहली बार महसूस किया कि इतने साल पुराना वादा आज भी लोगों की आवाज़ बन सकता है।

Chapter 5 of 8